Wednesday, February 11, 2026
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जिम्मेदारों की मिली भगत से भारत- नेपाल सीमा पर यूरिया खाद की अवैध तस्करी जोरो पर



केरिंग के जरिए रोजाना सैकड़ों बोरी यूरिया भारत से पहुंच रहा नेपाल, तस्कर व दुकानदार हो रहे मालामाल
बढ़नी सिद्धार्थनगर ।भारत नेपाल सीमा के बढ़नी क्षेत्र में  इन दिनों यूरिया खाद की तस्करी जबरदस्त तरीके से की जा रही है। जबकि तस्करी रोकने के लिए सीमा क्षेत्र में कस्टम, पुलिस, एस.एस.बी.व कृषि विभाग के लोगो की तैनाती की गई है। फिर भी इस तरह की तस्करी पर अंकुश ना लगने से कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। सूत्रों की मानें तो विकास खंड बढ़नी क्षेत्र के,मानपुर,चरिहवा,तालकुंडा ,बैरिहवा,परसोहिया, ढेकहरी आदि जगहों पर स्थित खाद की दुकानों से तस्कर बिना किसी प्रूफ के अधिक मूल्यों पर यूरिया खाद खरीद कर अवैध रूप से भारतीय सीमा को पार कर रोईनिहवा लोहटी, बनचौरा, सेमरहवा, घरुआर, आदि गांवों के रास्ते नेपाल में महंगे दामों पर बेच कर भारी मुनाफा कमा रहे हैं। वहीं माफिया तस्कर केरिंग के जरिए मोटरसाइकिल पर बिना नंबर प्लेट के दो से तीन बोरी लादकर सीमा पार कर दे रहे हैं। बाइक की स्पीड इतनी तेज होती है कि सामने से आने वाले लोगों के लिए भी खतरा उत्पन्न हो जाता है।कई बार एक्सीडेंट के भी मामले सामने आ चुके हैं।नेपाल में यूरिया खाद की काफी मांग रहती है।
इसलिए तस्कर साइकिल, मोटरसाइकिल और पैदल मार्ग से खाद को लेकर नेपाल पहुंचा रहे हैं।
नेपाल सीमा पर जारी इस तस्करी से न केवल किसानों की समस्या बढ़ती है, बल्कि प्रशासन की चुनौती भी बढ़ जाती है। किसानों को समय पर खाद नहीं मिलने से फसलों की बुआई भी प्रभावित होती है।
उक्त संबंध में एडीओ एजी मुकेश गहलोत का कहना है कि जल्द ही तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी।

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