संचारक्रान्ति संवाददाता,
बांसी (सिद्धार्थनगर)।
सवर्ण आर्मी संगठन ने सोमवार को बांसी में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा जारी नए नियमों के विरोध में प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी निखिल चक्रवर्ती को सौंपा। संगठन ने जनवरी 2026 में जारी उच्च शिक्षा से संबंधित नियमों को तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग की है।
संगठन का कहना है कि 15 जनवरी 2026 को जारी किए गए ये नियम भले ही उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता स्थापित करने के उद्देश्य से लाए गए हों, लेकिन यह भारत के संविधान में प्रदत्त समानता के मूल अधिकार की भावना के अनुरूप नहीं हैं। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि नियमों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग से जुड़े प्रावधानों पर विशेष जोर दिया गया है, जबकि सामान्य वर्ग के छात्रों के अधिकारों की अनदेखी की गई है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि यूजीसी द्वारा सभी विश्वविद्यालयों एवं उच्च शिक्षा संस्थानों में 90 दिनों के भीतर समानता समिति गठित करने का निर्देश दिया गया है, जिससे शैक्षणिक परिसरों में असंतोष एवं भय का माहौल बन रहा है। संगठन का कहना है कि संशोधित नियमों में अन्य पिछड़ा वर्ग को शामिल किए जाने के बावजूद झूठी अथवा दुर्भावनापूर्ण शिकायतों पर दंड का कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है, जिससे नियमों के दुरुपयोग की आशंका बढ़ गई है।
सवर्ण आर्मी ने कहा कि देश की जनसंख्या का एक बड़ा हिस्सा सामान्य वर्ग से संबंधित है, जिसने शिक्षा, प्रशासन, उद्योग, कृषि एवं राजस्व सृजन में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसके बावजूद ऐसी नीतियां लागू की जा रही हैं, जो सामान्य वर्ग के छात्रों और युवाओं के भविष्य को प्रभावित कर सकती हैं। संगठन ने केंद्र सरकार से मांग की है कि यूजीसी के उक्त नियमों को निरस्त कर सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखते हुए निष्पक्ष, संतुलित एवं संविधानसम्मत व्यवस्था लागू की जाए। मांगें पूरी न होने पर आंदोलन जारी रखने की चेतावनी भी दी गई।ज्ञापन सौंपने वालों में संगठन के जिलाध्यक्ष विनोद कुमार दूबे, महामंत्री ज्ञानेंद्र द्विवेदी, जिला महासचिव शैलेंद्र कुमार पांडेय, जिला सचिव विजय मिश्रा, आईटी सेल प्रभारी राहुल द्विवेदी, ब्लाक अध्यक्ष राम प्रकाश मिश्रा, शिक्षक सिध्देश्वर पाण्डेय, पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष शैलेंद्र प्रताप सिंह उर्फ शैलू, मोनू चतुर्वेदी, बालमुकुंद पांडेय, अजय उपाध्याय, संजय सोलंकी, अरुण दूबे, अष्टभुजा श्रीवास्तव, मनोज कुमार सहित तमाम कार्यकर्ता शामिल रहे।



