संचारक्रान्ति संवाददाता सिद्धार्थनगर। डुमरियागंज लोकसभा क्षेत्र से सांसद जगदंबिका पाल ने बुधवार को संसद में श्रम सुधारों और क्षेत्रीय विकास से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने औद्योगिक संबंध संहिता (संशोधन) विधेयक 2026 पर चर्चा के दौरान इसे श्रम व्यवस्था को स्पष्ट और सुदृढ़ बनाने वाला कदम बताया, वहीं नियम 377 के अंतर्गत ककरहवा सीमा चौकी पर आव्रजन सुविधा शुरू करने की आवश्यकता भी उठाई।
सांसद ने कहा कि प्रस्तावित संशोधन श्रम कानूनों की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उनके अनुसार, संसद द्वारा विधिक रूप से किए गए निरसन से भविष्य में किसी प्रकार की कानूनी भ्रम की स्थिति नहीं रहेगी और श्रम सुधारों को स्थायित्व मिलेगा। उन्होंने कहा कि नई श्रम संहिताएं श्रमिकों के हितों की सुरक्षा के साथ-साथ औद्योगिक विकास को भी गति देने का कार्य कर रही हैं।
उन्होंने जानकारी दी कि चार श्रम संहिताओं के माध्यम से 29 पुराने केंद्रीय श्रम कानूनों को एकीकृत कर सरल ढांचा तैयार किया गया है। इससे श्रमिक सुरक्षा, रोजगार सृजन और निवेश के वातावरण को मजबूती मिली है। सांसद के मुताबिक, नवंबर 2025 से लागू व्यवस्थाओं के बाद रोजगार परिदृश्य में सकारात्मक संकेत मिले हैं। छोटे और मध्यम शहरों में रोजगार के अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है तथा महिला सहभागिता में भी बढ़ोतरी देखी गई है।
इसके साथ ही सांसद ने नियम 377 के तहत सिद्धार्थनगर जनपद की ककरहवा सीमा चौकी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में यह चौकी केवल सीमा शुल्क कार्यों तक सीमित है और यहां आव्रजन (इमिग्रेशन) सुविधा उपलब्ध नहीं है। साथ ही यात्री बसों और भारी मालवाहक वाहनों के आवागमन पर भी प्रतिबंध है, जिससे व्यापार और पर्यटन प्रभावित हो रहा है।
सांसद ने केंद्र सरकार से मांग की कि ककरहवा बॉर्डर को पूर्ण आव्रजन जांच केंद्र के रूप में विकसित किया जाए और वाणिज्यिक वाहनों के संचालन की अनुमति प्रदान की जाए। उनका कहना था कि इससे नेपाल के लुंबिनी आने-जाने वाले पर्यटकों और व्यापारियों को सुविधा मिलेगी तथा सीमावर्ती क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी।
उन्होंने यह भी कहा कि सिद्धार्थनगर एक आकांक्षी जिला है और सीमा चौकी पर सुविधाओं के विस्तार से स्थानीय रोजगार, व्यापार और पर्यटन को नई दिशा मिल सकती है। सांसद ने सरकार से दोनों विषयों पर सकारात्मक और शीघ्र निर्णय लेने की अपेक्षा जताई।



