संचार क्रांति – सिद्धार्थनगर। वसंतिक नवरात्रि नवमी के दिन रविवार को माँ भद्र कालीधाम मधुकरपुर सिद्धार्थनगर में प्रातः कालीन माँ के पूजन के उपरान्त नव चंडी पाठ के पूर्णाहुति पर माँ दुर्गा सप्तशती के सिद्ध मंत्रो द्वारा आहुतियां देकर विश्व के कल्याण एवं उत्कर्ष की प्रार्थना की जायेगी तथा हवन एवं भण्डारा होगा। कार्यक्रम के संयोजक एवं धाम के प्रबंधन से जुड़े सदस्य कैलाश मणि त्रिपाठी ने बताया कि मंदिर के अत्यन्त ही प्राचीन स्थल के बारे में पता चलता है। जनश्रुतियों की माने तो लगभग तीन सौ साल प्राचीन यह माँ भद्र काली जी का परम धाम प्राचीन कपिलवस्तु के तीन मंदिर सिंहेश्वरी, योगमाया एवं पलटा देवी जो की एक त्रिभुज बनाते हैं, उसके मध्य में स्थित हैं। बताते यह भी हैं कि मंदिर के पास पहुँचने से एक अद्भुत आभा का आभास होता है।
माँ लक्ष्मी मां गौरी और माँ सरस्वती का पिंडी और विग्रह स्वरूप भी अपने अपने यंत्रो पर विराजमान हैं। मंदिर के सामने हवन कुंड की विशेषता है की यह शतचंडी यज्ञ में इस कुंड में आहुतियाँ डालने के बाद लगातार 24बार चंडी यज्ञ की पूर्णाहुति हो चुका है। पूर्णाहुति के बाद ग्राम वासियों और धाम के भक्तो के सहयोग से भण्डारे का आयोजन किया जाता है। जिसमे नगर सहित दूर दूर से श्रद्धालु आकर प्रसाद ग्रहण करते हैं।



