संचार क्रांति सवांददाता बाँसी , सिद्धार्थनगर।
जनपद सिद्धार्थनगर के मेचुका स्थित जय मां सरस्वती शिशु मंदिर में देश के 77 वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर राष्ट्रीय पर्व को पूर्ण गरिमा, अनुशासन एवं राष्ट्रभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। ध्वजारोहण के उपरांत उपस्थित शिक्षकगण, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों द्वारा सामूहिक रूप से राष्ट्रगान का सस्वर पाठ किया गया, जिससे संपूर्ण वातावरण देशभक्ति से ओत-प्रोत हो उठा।
कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य चंद्रभूषण सिंह जी, प्रबंधक भोला सिंह, संस्थापक रमेश सिंह की गरिमामयी उपस्थिति रही। साथ ही विद्यालय के अध्यापकगण दिनेश चंद्र द्विवेदी, प्रेम सिंह, पंकज सिंह, धर्मेंद्र तिवारी, अनिल तिवारी, देवदत्त तिवारी, दिलीप, सुनीता पांडेय, गर्विता द्विवेदी सहित समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम के दौरान मुख्य रूप से अध्यापक दिनेश चंद्र द्विवेदी जी ने विद्यार्थियों को गणतंत्र दिवस के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने अपने संबोधन में बताया कि 26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान लागू हुआ, जिसके साथ ही भारत एक संप्रभु, लोकतांत्रिक गणराज्य बना। उन्होंने विद्यार्थियों को संविधान में निहित अधिकारों एवं कर्तव्यों की जानकारी देते हुए राष्ट्रप्रेम, अनुशासन और नैतिक मूल्यों को जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी।
इस अवसर पर नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा देशभक्ति भाषण प्रस्तुत किए गए, साथ ही विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीत एवं कविताओं का सस्वर एवं भावपूर्ण पाठ किया। इसके अतिरिक्त बच्चों द्वारा महान पुरुषों के जीवन से जुड़े प्रेरणादायक प्रसंगों एवं कथाओं का प्रभावशाली वर्णन किया गया, जिसे उपस्थित जनसमूह ने सराहना के साथ सुना।
इस अवसर पर विद्यालय परिवार के साथ बड़ी संख्या में अभिभावकगण भी उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से दद्दू सिंह, ओमकार द्विवेदी सहित अन्य गणमान्य अभिभावकों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और अधिक बढ़ाया।
प्रधानाचार्य चंद्रभूषण सिंह जी ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार के राष्ट्रीय पर्व विद्यार्थियों में देशभक्ति की भावना जागृत करने के साथ-साथ उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करते हैं। वहीं प्रबंधक एवं संस्थापक ने विद्यालय परिवार को राष्ट्रीय मूल्यों एवं संस्कारों के अनुरूप शिक्षा प्रदान करने के लिए सतत प्रयासरत रहने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित जनों ने राष्ट्र की एकता एवं अखंडता बनाए रखने, संविधान के मूल्यों का पालन करने तथा देश सेवा के लिए सदैव तत्पर रहने का संकल्प लिया। गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम विद्यालय परिसर में राष्ट्रीय चेतना, अनुशासन एवं संस्कारों का सशक्त संदेश देने में सफल रहा।




