संचार क्रांति, संवाददाता, नौगढ़ (सिद्धार्थनगर)।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की नीतियों के विरोध में सोमवार को नौगढ़ तहसील क्षेत्र में सवर्ण समाज द्वारा जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान कम से कम 5000 से अधिक लोग प्रदर्शन में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने UGC के हालिया नियमों को सामान्य वर्ग के हितों के विरुद्ध बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की।
सुबह से ही आसपास के ग्रामीण इलाकों से सवर्ण समाज के लोग नौगढ़ पहुंचने लगे थे। हाथों में बैनर-तख्तियां लेकर प्रदर्शनकारियों ने UGC के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर आक्रोश जताया। देखते ही देखते पूरा क्षेत्र जनसैलाब में तब्दील हो गया।
✊ UGC की नीतियों पर उठाए सवाल
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि UGC द्वारा लागू किए गए नए नियमों से सामान्य वर्ग के छात्र और युवा सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था में लगातार ऐसे बदलाव किए जा रहे हैं, जिससे मेरिट आधारित प्रणाली कमजोर हो रही है और सामान्य वर्ग के साथ अन्याय हो रहा है।
सभा को संबोधित करते हुए समाज के वक्ताओं ने कहा कि सवर्ण समाज किसी भी वर्ग के अधिकारों के खिलाफ नहीं है, लेकिन अपने अधिकारों की अनदेखी भी बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने सरकार से मांग की कि शिक्षा नीति में संतुलन बनाए रखा जाए।
📝 राष्ट्रपति के नाम सौंपा गया ज्ञापन
प्रदर्शन के उपरांत सवर्ण समाज के प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासनिक अधिकारियों को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में UGC के विवादित नियमों को निरस्त करने, सामान्य वर्ग के छात्रों के हितों की रक्षा करने तथा शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने की मांग की गई।
👥 हर वर्ग की रही भागीदारी
इस विरोध प्रदर्शन में छात्र, शिक्षक, युवा, सामाजिक कार्यकर्ता और बुजुर्ग बड़ी संख्या में शामिल रहे। महिलाओं की भी उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली। पूरे कार्यक्रम के दौरान प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, हालांकि नारेबाजी और भाषणों से माहौल जोशीला बना रहा।
🚔 प्रशासन रहा मुस्तैद
प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। मौके पर पुलिस बल तैनात रहा। प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से संवाद बनाए रखा, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
📢 आंदोलन तेज करने की चेतावनी
प्रदर्शन के अंत में सवर्ण समाज के नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार और UGC द्वारा उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो यह आंदोलन जिले से निकलकर प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर तक ले जाया जाएगा।



