बिना काम भुगतान, अधूरे कार्यों में पूरा पैसा, ओपन जिम भी कागजों में—जांच में खुली पोल
संचार क्रांति संवाददाता, सिद्धार्थनगर
सिद्धार्थनगर जिले के मिठवल ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत जीवा में विकास कार्यों में भारी अनियमितताओं का मामला सामने आया है, जिसने स्थानीय प्रशासन और ग्रामीणों के बीच हलचल मचा दी है। शिकायतकर्ता नीरज पांडेय द्वारा की गई शिकायत के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कराई, जिसमें कई चौंकाने वाले तथ्य उजागर हुए हैं।
जांच में पाया गया कि ग्राम पंचायत में कई विकास कार्य केवल कागजों में ही पूरे दिखाए गए, जबकि वास्तविक स्थिति मौके पर इससे बिल्कुल अलग पाई गई। एलईडी लाइट लगाने के नाम पर बिना कार्य कराए ही भुगतान निकाल लिया गया, जिससे वित्तीय अनियमितताओं की पुष्टि हुई है।
इसके अलावा नाली निर्माण कार्य भी अधूरा होने के बावजूद पूरा भुगतान किए जाने की बात सामने आई है। जांच टीम ने मौके पर जाकर देखा तो कई स्थानों पर निर्माण कार्य अधूरा पाया गया, जबकि अभिलेखों में उसे पूर्ण दर्शाया गया था।
ओपन जिम सहित अन्य विकास कार्यों में भी इसी प्रकार की अनियमितताएं पाई गईं, जहां कागजों में खर्च दिखाकर धनराशि का उपयोग दर्शाया गया, लेकिन जमीनी हकीकत इससे भिन्न रही। इस खुलासे के बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है और ग्रामीणों में नाराजगी देखी जा रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए शासन स्तर से ग्राम प्रधान, सचिव एवं अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में इस तरह की अनियमितताओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे।
शिकायतकर्ता नीरज पांडेय ने कहा कि यह लड़ाई केवल एक गांव की नहीं बल्कि पारदर्शिता और जवाबदेही की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच को महज औपचारिकता नहीं बनने दिया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
ग्रामीणों का कहना है कि इस प्रकार की घटनाएं विकास कार्यों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करती हैं और इससे सरकारी योजनाओं का लाभ सही लोगों तक नहीं पहुंच पाता। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि दोषियों के खिलाफ जल्द से जल्द कड़ी कार्रवाई की जाए और विकास कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।



