AAP को बड़ा झटका, दो-तिहाई से अधिक राज्यसभा सांसदों के साथ जाने का दावा
संचार क्रांति संवाददाता
देश की राजनीति में शुक्रवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जब आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया। इस दौरान बीजेपी नेतृत्व ने उनका स्वागत किया और पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन ने उन्हें मिठाई खिलाकर औपचारिक रूप से शामिल कराया।
राघव चड्ढा के साथ संदीप पाठक और अशोक मित्तल जैसे अन्य राज्यसभा सांसदों ने भी बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की। इस घटनाक्रम को आम आदमी पार्टी के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।
राघव चड्ढा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के दो-तिहाई से अधिक सांसद उनके साथ हैं और उन्होंने इस संबंध में लिखित समर्थन भी दिया है। उन्होंने कहा कि संविधान के प्रावधानों के तहत यह कदम उठाया गया है।
उन्होंने अपने फैसले को सही ठहराते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी अपने मूल सिद्धांतों और आदर्शों से भटक गई है। उन्होंने खुद को “गलत पार्टी में सही आदमी” बताते हुए कहा कि अब वे देशहित और विकास की दिशा में काम करना चाहते हैं।
इस राजनीतिक बदलाव के बाद आम आदमी पार्टी में हलचल तेज हो गई है। पार्टी नेताओं ने इसे बड़ा झटका बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी है, वहीं भाजपा ने इसे पार्टी की मजबूती के रूप में देखा है।
विश्लेषकों का मानना है कि इस घटनाक्रम से राज्यसभा में राजनीतिक समीकरणों पर असर पड़ सकता है और आने वाले समय में इसका व्यापक प्रभाव देखने को मिलेगा।



