Saturday, April 25, 2026
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पत्रकारों को पेट्रोल पंपों पर डीजल, पेट्रोल व सीएनजी प्राथमिकता से देने की मांग

ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन ने उठाई आवाज, कहा—आवश्यक सेवा के रूप में मिले विशेष सुविधा

संचार क्रांति – संवाददाता

ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय पत्रकारों की समस्याओं को लेकर एक महत्वपूर्ण मांग सामने आई है। ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के तहसील अध्यक्ष षष्टभुजा शुक्ल उर्फ गुडडू बाबा ने प्रशासन एवं पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन से पत्रकारों को पेट्रोल पंपों पर विशेष सुविधा प्रदान करने की मांग की है।

उन्होंने कहा कि पत्रकारिता एक आवश्यक सेवा है, जिसमें कार्यरत लोग दिन-रात समाज और जनहित से जुड़े मुद्दों को उठाने का कार्य करते हैं। ऐसे में कवरेज के दौरान पत्रकारों को ईंधन की उपलब्धता में प्राथमिकता दी जानी चाहिए, ताकि उनके कार्य में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।

उन्होंने यह भी मांग की कि पेट्रोल पंपों पर पत्रकारों को लंबी कतार में खड़े रहने के बजाय प्राथमिकता के आधार पर पेट्रोल, डीजल एवं सीएनजी उपलब्ध कराया जाए, जिससे समय की बचत हो सके और वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन अधिक प्रभावी ढंग से कर सकें।

विषम परिस्थितियों अथवा ईंधन संकट के समय पत्रकारों के लिए एक निश्चित कोटा सुरक्षित रखा जाए, ताकि किसी भी स्थिति में जनहित से जुड़ी खबरों का प्रसारण प्रभावित न हो। उन्होंने कहा कि कई बार दूर-दराज के क्षेत्रों में कवरेज के दौरान ईंधन की अनुपलब्धता के कारण पत्रकारों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, जिससे उनके कार्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

इसके साथ ही उन्होंने पेट्रोल पंपों पर पत्रकारों के लिए बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी मांग की है। उन्होंने कहा कि पत्रकारों के पहुंचने पर बैठने के लिए स्वच्छ स्थान, शुद्ध पेयजल एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जानी चाहिए, जिससे उन्हें राहत मिल सके।

षष्टभुजा शुक्ल ने यह भी कहा कि प्रेस कार्ड दिखाने पर पंप कर्मियों द्वारा सहयोगपूर्ण व्यवहार किया जाना चाहिए, ताकि पत्रकारों को सम्मानजनक वातावरण मिल सके। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश जारी कर पत्रकारों को सहयोग प्रदान करने हेतु प्रेरित किया जाए।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पत्रकार अत्यंत सीमित संसाधनों के बीच दिन-रात कार्य करते हैं और जनसमस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण दायित्व निभाते हैं। ऐसे में उनके लिए आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था करना समय की मांग है, जिससे वे और अधिक प्रभावी ढंग से समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभा सकें।

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