संचार क्रांति – सिद्धार्थनगर। पुलिस द्वारा पकड़े गए शब्बीर अहमद द्वारा कराए गए अवैध धर्मांतरण तथा विदेशी फंडिंग से खड़े किए गए अवैध साम्राज्य जो सरकारी भूमि पर बने हैं के जांच के लिए शुक्रवार को विश्व हिंदू महासंघ का प्रतिनिधिमंडल जिलाध्यक्ष कृपाशंकर त्रिपाठी की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के प्रतिनिधि के तौर पर अपर जिलाधिकारी गौरव श्रीवास्तव ने प्राप्त करते हुए सभा को आश्वस्त किया की जिला प्रशासन के संज्ञान में सारी बातें हैं और निष्पक्ष होकर इस मामले में करवाई किया जाएगा अवैध धन से करायें गये धर्मांतरण, हिंदुओं के बहू बेटियों के साथ अत्याचार व विदेशी फंडिंग से खड़े किए गए साम्राज्य को जांच कर कर ध्वस्त किया जाएगा। सभा को संबोधित करते हुए प्रदेश उपाध्यक्ष अखंड प्रताप सिंह ने आरोप लगाते हुए बताया कि अल फारुक इंटर कॉलेज अमौना इटवा के मदरसा/विद्यालय का निर्माण ग्राम सभा के भीटा की जमीन पर हुआ है। इसकी जांच कर कर तत्काल ध्वस्तिकरण किया जाए। महासंघ के उपाध्यक्ष जितेन्द्र सिंह ने कहा एक साधारण ड्राइवर इतना विदेशों से धन पा गया कि उससे अवैध साम्राज्य बना लिया है। उसके अवैध फंडिंग की जांच कराया जाए। इंद्रेश त्रिपाठी ने बताया कि अलफारुक इंटर कॉलेज के सभी वाहन समय से पुराने हैं और उसके सभी ड्राइवर वृद्ध हैं जो बच्चों के जीवन के साथ खिलवाड़ है इन सब की तत्काल जांच कराया जाए। अधिवक्ता प्रकोष्ठ के अध्यक्ष अनिल विश्वकर्मा ने शब्बीर उर्फ पर आरोप लगाते हुए कहा कि उसका पाकिस्तान से कनेक्शन है उसने अपने बेटी की शादी पाकिस्तान से किया है और उसी के आड़ में पाकिस्तान की मदद करता है जिसकी जांच कराया जाना जरूरी है। उक्त संस्था में विदेश से करोड़ों धन हवाला के जरिए आता है जिसकी जांच कराया जाना उचित होगा। अरविंद शुक्ला ने कहा कि अखंड प्रताप सिंह वादी मुकदमा का जीवन संकट में है। तत्काल अंगरक्षक मुहैया कराकर उनका जीवन सुरक्षित कराया जाए। महिला प्रकोष्ठ की उपाध्यक्ष सुभावती ने लगभग सभी मदरसों की जांच कराने का आग्रह किया।
इस दौरान पशुपति दुबे, राज किशोर पासवान, अखिलेश मिश्रा, अविनाश पांडे, विकास मिश्रा, प्रमोद दुबे, मिथिलेश मिश्र, राम चौरसिया, नारायण दत्त दुबे, जवाहर गुप्ता, विशाल चतुर्वेदी, प्रमोद दुबे, राज मंगल पांडे, गिरीश पांडे, हरिशंकर साहनी, बलकेश यादव, राजेश भट्ट, अवधेश पासवान, कृष्ण चंद्र त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।



